Wednesday, 13 May 2015

हवा बसंती बौराई

गुन-गुन गुंजित भ्रमर गीत सुन
कली सुंदरी मुस्काई,
फागुन के आने की सुनकर
हवा बसंती बौराई !!
- कंचन पाठक.

 Published in -
कादम्बिनी, अमर उजाला, पारस परस    




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